कोई इतने करीब हो...
मै हर तहज़ीब औ तकल्लुफ खो दूँ , कोई इतने करीब हो,
मै उससे लिपट जाऊ तो बस रो दूँ, कोई इतने करीब हो.
कितनी उम्मीदे है, कितने ही चेहरे है मेरे,
मुझे अपनाले मै जो हूँ , कोई इतने करीब हो.
मै उससे लिपट जाऊ तो बस रो दूँ, कोई इतने करीब हो.
सजदे में हाथ उठे और दिल में खुदगर्जी,
मै दुआ जो भी मांगू उसे वो दूँ, कोई इतने करीब हो.
मै उससे लिपट जाऊ तो बस रो दूँ, कोई इतने करीब हो.